अथ ब्रह्म स्तुतीं
।। श्री रामाय नमः ।।
अथ ब्रह्म स्तुतीं
(छंद गीतक)
परम वंदन परम सेवा परम
दीन दयाल तू ।
परम आतम परम यारी परम
स्वर्ग पयाल तू ।।1।।
नमो निगुण नमो नाथू नमो
देव निरंजनम्
नमो समर्थ नमो स्वामी नमो
सकल सिरंजनम् ।।2।।
नमो अविगत नमो आपू नमो
पार अपंपरम्।
नमो महरम नमो न्यारा नमो
पद परमेश्वरम् ।।3।।
नमो चेतन नमो तारी नमो
निज्ज निराशनम्।
नमो आदि न नमो अंता नमो ब्रह्म
प्रकाशनम् ।।4।।
नमो पीतम नमो प्यारा नमो
नाम निकेवलम।
नमो कायम नमो कर्ता नमो
राम निरम्मलम् ।।5।।
नमो निकलंक नमो निकुला
नमो नित्य नरायनम्।
नमो अम्मर नमो अधरा नमो
पीव परायनम् ।।6।।
नमो हरदम निराकारं नमो
निगम निरूपनम्।
नमो अविचल नमो अणभै नम एक
अनूपनम् ।।7।।
नमो साहिब नमो सहजां नमो
काल निकंदनम्।
दास हरिया नमो दाता नमो
तुम निर्दवद्दनम् ।।8।।
सर्व विघ्न विडारी, सर्व मंगलकारी,सर्वानन्दप्रद,
सर्वार्थाभिमतप्रद, सर्वोपयोगी, सर्वकालोपयोगी,
सर्वतो रक्षाकारी, इष्टात्मक
रक्षामंत्र
नमों राम गुरुदेवजी,जन त्रिकाल के वन्द।
विघ्न हरण मंगल करण,रामदास आनन्द ।।

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