अरावली पहाड़ पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला | 100 मीटर नियम क्या है? | फायदा या खतरा? | Aravali News
अरावली पहाड़ पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला | 100 मीटर नियम क्या है? | फायदा या खतरा? | Aravali News
आज हम बात करने
वाले हैं अरावली पर्वतमाला की —
जो आजकल खबरों में है, कोर्ट ने नई परिभाषा दी है,
और लोग पूछ रहे
हैं –
👉
अरावली काटने
से विकास होगा या विनाश?
इस वीडियो में जानेंगे:
- अरावली क्या है
- कहाँ-कहाँ फैली है
- अभी क्या विवाद हुआ
- कोर्ट ने क्या कहा
- और इसके फायदे–नुकसान क्या हैं
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video -
🏔️ अरावली पर्वतमाला क्या है? (0:21–1:10)
अरावली पर्वतमाला भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है।
वैज्ञानिकों के
अनुसार इसकी उम्र 3 अरब साल तक मानी जाती है।
यह हिमालय से भी बहुत पहले बनी थी।
इसीलिए इसे
भारत की भूवैज्ञानिक धरोहर कहा जाता है।
📍 अरावली पर्वतमाला कहाँ स्थित है? (1:11–1:50)
अरावली पर्वतमाला लगभग700-800 किलोमीटर लंबी है। जो राजस्थान में 500 -600 किलोमीटर है जो 80 % हिस्सा है
यह फैली हुई है:
- गुजरात
- राजस्थान
- हरियाणा
- दिल्ली
राजस्थान में यह सबसे ज्यादा है –
उदयपुर,
राजसमंद,
अलवर, जयपुर, सीकर जैसे
जिलों में।
⚠️ अभी अरावली को लेकर क्या विवाद (लफड़ा) हुआ है?
दोस्तों, असली विवाद है — भूमाफिया ये लोग अपने फायदे के लिए
👉
खनन (Mining)
और
👉
जमीन उपयोग
बदलने को लेकर। सुप्रीम कोर्ट से अरावली की परिभाषा ही बदलवा दी है
जिस से
कई जगहों पर:
- पत्थर तोड़े जा रहे हैं
- अवैध खनन हो रहा है
- जंगल की जमीन को गैर-जंगल घोषित किया जा रहा है
⚖️ कोर्ट ने अरावली को लेकर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (नवंबर-दिसंबर 2025) अरावली पहाड़ियों की एक नई वैज्ञानिक परिभाषा को मंजूरी दी है, जिसके अनुसार अब केवल वही भू-आकृतियाँ 'अरावली' मानी जाएँगी जो ज़मीन से 100 मीटर या उससे ज़्यादा ऊँची हैं; इससे कम ऊँची पहाड़ियों को संरक्षण से बाहर रखा जा सकता है, जिस पर पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है कि इससे खनन और निर्माण बढ़ सकता है, जबकि कोर्ट ने नए लीज़ पर रोक लगाते हुए टिकाऊ खनन की बात कही है, और विशेषज्ञों को एक 'मैनेजमेंट प्लान' बनाने के निर्देश दिए हैं.
अरावली राजस्थान में सबसे ज्यादा भाग में है जो पूरी अरावली का 80% हिस्सा है उसमे से भी 100 मीटर उचे पहाड़ मात्र 20% ही है तो जो ये परिभाषा दी है उससे अरावली का विनाश पक्का है।
✅ अरावली काटने से क्या फायदे बताए जाते हैं?
कुछ लोग कहते हैं:
- सड़क, फैक्ट्री, हाउसिंग बनेंगे
- रोजगार मिलेगा
- विकास तेज होगा
यह बात आंशिक रूप से सही है,
लेकिन सवाल यह
है —
👉
क्या यह विकास
टिकाऊ है?
❌ अरावली काटने के नुकसान
अरावली कटने से:
- 🌡️ तापमान बढ़ेगा
- 💧 भूजल स्तर नीचे जाएगा
- 🌪️ राजस्थान की रेत दिल्ली तक पहुँचेगी
- 🌳 जंगल और वन्यजीव खत्म होंगे
- 🌧️ बारिश का पैटर्न बिगड़ेगा
सीधे शब्दों में:
👉
आज फायदा,
कल भारी नुकसान
विकास जरूरी है ✔️
लेकिन प्रकृति को खत्म करके विकास आत्मघाती है ❌
समाधान है:
- नियंत्रित विकास
- सख्त निगरानी
- अवैध खनन पर पूरी रोक
- अरावली को इको-सेंसिटिव ज़ोन बनाना
अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं है दोस्तों,
यह हमारी हवा, पानी और भविष्य की सुरक्षा ढाल है।
👉 अरावली दिल्ली–NCR को रेगिस्तान बनने से बचाती है
👉
यह भूजल
रिचार्ज का बड़ा स्रोत है
अगर आज इसे बचाया —
तो आने वाली
पीढ़ियाँ हमें धन्यवाद देंगी।
अगर आपको यह वीडियो जानकारीपूर्ण लगा हो
तो लाइक, शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें।
कमेंट में
बताइए —
👉
आप विकास के
साथ पर्यावरण बचाने के पक्ष में हैं या नहीं?
धन्यवाद 🙏

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