सेविंग अकाउंट में कितना लेनदेन करना चाहिए? इनकम टैक्स कब लगेगा?
सेविंग अकाउंट में कितना लेनदेन करना चाहिए? इनकम टैक्स कब लगेगा?
आज के समय में हर किसी के पास सेविंग अकाउंट (Saving Account) होता है, जिसमें लोग अपनी बचत जमा करते हैं और जरूरत पड़ने पर लेनदेन भी करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बैंक खाते में लेनदेन (Transactions) करने की भी एक सीमा होती है? यदि आप इस सीमा से अधिक ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) की ओर से नोटिस आ सकता है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि सेविंग अकाउंट में कितना लेनदेन करना सही रहता है और इनकम टैक्स कब लगता है।
सेविंग अकाउंट में कितना लेनदेन करना चाहिए?
बैंक द्वारा सेविंग अकाउंट में लेनदेन की कोई निश्चित सीमा नहीं होती, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1 कैश डिपॉजिट लिमिट:
- यदि आप 10 लाख रुपये से अधिक का कैश अपने सेविंग अकाउंट में जमा करते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देता है।
- इससे अधिक कैश डिपॉजिट करने पर आपको इनकम सोर्स (Income Source) बताना पड़ सकता है।
2. कैश विथड्रॉअल (निकासी) लिमिट:
- सेविंग अकाउंट से कैश निकालने पर कोई सीधा टैक्स नहीं लगता, लेकिन यदि आप 10 लाख रुपये या अधिक कैश निकालते हैं, तो TDS कट सकता है।
3. ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (NEFT/IMPS/UPI):
- डिजिटल ट्रांजैक्शन की कोई सीमा नहीं है, लेकिन यदि आपका सालाना ट्रांजैक्शन 20 लाख रुपये से अधिक का हो जाता है, तो इनकम टैक्स विभाग इसकी जांच कर सकता है।
4. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश:
- यदि आप 10 लाख रुपये या अधिक की एफडी कराते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को भेजता है।
- एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर TDS (Tax Deducted at Source) कट सकता है।
सेविंग अकाउंट में इनकम टैक्स कब लगेगा?
1. बैंक अकाउंट में जमा रकम पर टैक्स
- सेविंग अकाउंट में जमा की गई रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन यदि यह रकम किसी आय (Income) का हिस्सा है, तो उस पर इनकम टैक्स देना होगा।
2. सेविंग अकाउंट के ब्याज पर टैक्स
- सेविंग अकाउंट में मिलने वाले ब्याज पर ₹10,000 तक कोई टैक्स नहीं लगता।
- यदि ब्याज ₹10,000 से अधिक होता है, तो इसे आपकी इनकम में जोड़ा जाता है और स्लैब के अनुसार टैक्स देना पड़ता है।
3. बड़ी रकम का लेनदेन करने पर नोटिस कब आ सकता है?
- यदि आप 10 लाख रुपये से अधिक का कैश जमा करते हैं या
- यदि आप 20 लाख रुपये से अधिक का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं या
- यदि आप 10 लाख रुपये से अधिक कैश निकालते हैं,
तो बैंक इसकी सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देता है और आपको नोटिस आ सकता है।
टैक्स से बचने के लिए क्या करें?
1. बड़े कैश ट्रांजैक्शन से बचें – डिजिटल पेमेंट का ज्यादा इस्तेमाल करें।
2. इनकम सोर्स सही रखें – अगर आपकी आमदनी सही है, तो डरने की जरूरत नहीं।
3. फॉर्म 15G/15H भरें – यदि आपकी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो FD पर TDS बचाने के लिए यह फॉर्म भरें।
4. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरें – यदि आपकी इनकम टैक्स स्लैब में आती है, तो ITR जरूर फाइल करें।
निष्कर्ष
सेविंग अकाउंट में कितने भी पैसे जमा किए जा सकते हैं, लेकिन यदि ट्रांजैक्शन ज्यादा बड़ा होता है, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इसकी जांच कर सकता है। 10 लाख से ज्यादा कैश जमा करने, 20 लाख से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने, या 10 लाख से ज्यादा कैश निकालने पर बैंक इसकी जानकारी सरकार को भेजता है। टैक्स से बचने के लिए सभी लेनदेन का सही रिकॉर्ड रखें और अपनी आय के अनुसार टैक्स भरें।
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